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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा तेलंगाना के नारायणपेट, अमांगल और कामारेड्डी में आयोजित जन-सभाओं में दिए गए उद्बोधन के मुख्य बिंदु

 

इस बार तेलंगाना में त्रिकोणीय मुकाबला होने जा रहा है। एक ओर तेलंगाना को मजलिस के पैरों में झुकाने वाले केसीआर की टीआरएस सरकार है, दूसरी ओर नवजोत सिंह सिद्धू को पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष से गले मिलने भेजने वाले राहुल गाँधी की कांग्रेस पार्टी है तो तीसरी ओर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देशभक्तों की टोली है

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तेलंगाना की जनता ने टीआरएस को भी मौक़ा दिया, कांग्रेस और अन्य पार्टियों को भी लेकिन ये पार्टियां तेलंगाना का विकास नहीं कर पाई। आप एक मौक़ा भारतीय जनता पार्टी को दीजिये, हम पांच वर्ष में ही तेलंगाना को एक समृद्ध प्रदेश के रूप में विकसित करेंगे। हम तेलुगु अस्मिता की रक्षा के लिए कटिबद्ध हैं

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तेलंगाना विधान सभा चुनाव में एक विचित्र गठबंधन बना है। कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी मिलकर तेलंगाना में चुनाव लड़ रही है। कम्युनिस्ट पार्टी दुनिया से ख़त्म हो रही है तो कांग्रेस पार्टी देश से, कांग्रेस और कम्युनिस्ट चंद्रबाबू नायडू के साथ मिल कर तेलंगाना का भला नहीं कर सकती

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केसीआर ने एक ख़ास अल्पसंख्यक समुदाय के लिए 12% आरक्षण देने का फैसला लिया है। धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान सम्मत नहीं है। भारतीय जनता पार्टी तेलंगाना में धर्म के आधार पर ख़ास अल्पसंख्यक समुदाय को आरक्षण नहीं देने देगी

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कांग्रेस पार्टी सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में अल्पसंख्यकों के लिए रिजर्वेशन की बात करती है, अल्पसंख्यकों के लिए अलग अस्पताल बनवाने की बात करती है। मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूँ कि तेलंगाना की गरीब जनता का हक़ नहीं क्या?

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कांग्रेस पार्टी कहती है कि तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बनने पर मस्जिद और चर्च की बिजली का बिल तेलंगाना सरकार भरेगी तो फिर मंदिर के साथ भेद-भाव क्यों? कांग्रेस पार्टी कहती है कि उर्दू शिक्षकों की अलग से भर्ती की जायेगी तो फिर तेलुगु शिक्षक कहाँ जायेंगे?

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कांग्रेस और टीआरएस दोनों पार्टियां ख़ास अल्पसंख्यक वर्गों के तुष्टीकरण में लगी हुई है इसलिए तो ओवैसी कहते हैं कि जो भी तेलंगाना का मुख्यमंत्री बनेगा, वह मजलिस के चरणों में सिर झुकाएगा

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केसीआर ने मजलिस और ओवैसी के डर से रजाकारों की पार्टी के सामने घुटने टेकते हुए 17 सितंबर को हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाना बंद कर दिया है। यदि तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है तो हम हर गाँव में 17 सितंबर को भव्य तरीके सेहैदराबाद मुक्ति दिवस' मनाएंगे

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केसीआर के कुशासन में तेलंगाना की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। मुख्यमंत्री बनने से पहले केसीआर ने तेलंगाना की जनता से जो-जो वादे किये थे, उसमें से एक भी वादा पूरा नहीं हुआ, केसीआर ने तेलंगाना की जनता से वादाखिलाफी कर उनके साथ विश्वासघात किया है

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केसीआर ने विगत विधान सभा चुनाव में वादा किया था कि तेलंगाना के शहीद परिवारों को नौकरियाँ देंगे लेकिन 800 से ज्यादा शहीद परिवार आज भी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। तेलंगाना के निर्माण के लिए जिन युवाओं ने अपनी शहादत दी थी, उनके परिवार की चिंता केसीआर ने आज तक नहीं की

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आयुष्मान भारत" से केवल दो महीने में ही देश के लगभग साढ़े तीन लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं लेकिन टीआरएस सरकार और केसीआर की हठधर्मिता के कारण तेलंगाना की गरीब जनता को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है

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के. चंद्रशेखर राव ने परिवार मोह में पड़ कर और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की लोकप्रियता के डर से अकारण ही तेलंगाना को सैकड़ों करोड़ों के चुनावी खर्चे में उतार दिया दिया है। केसीआर को जवाब देना चाहिए कि तेलंगाना पर जो सैकड़ों करोड़ों रुपये का खर्च थोपा गया है, उसका जिम्मेदार कौन है?

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एक ओर टीआरएस सरकार की गलत नीतियों के कारण तेलंगाना में किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार ने किसानों को समृद्ध और सशक्त बनाने के लिए के फसल पर लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने का निर्णय लिया है।

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13वें वित्त आयोग के दौरान कांग्रेस की सोनिया-मनमोहन सरकार ने तेलंगाना को विकास के लिए महज 16,596 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जबकि 14वें वित्त आयोग में मोदी सरकार ने 1,15,605 करोड़ रुपये आवंटित किये जो कांग्रेस की यूपीए सरकार की तुलना में लगभग सात गुना अधिक है

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मोदी सरकार ने तेलंगाना को पिछले साढ़े चार सालों में विकास के लिए लगभग 2,30,800 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है, इसके बावजूद केसीआर तेलंगाना के विकास में असफल रही है

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज रविवार को तेलंगाना के नारायणपेट, अमांगल और कामारेड्डी में आयोजित विशाल जन-सभाओं को संबोधित किया और तुष्टीकरण की राजनीति कर तेलंगाना में विकास को अवरुद्ध करने के लिए टीआरएस और कांग्रेस पार्टी पर जम कर प्रहार किया।

 

श्री शाह ने कहा कि इस बार तेलंगाना में त्रिकोणीय मुकाबला होने जा रहा है। एक ओर तेलंगाना को मजलिस के पैरों में झुकाने वाले केसीआर की टीआरएस सरकार है, दूसरी ओर नवजोत सिंह सिद्धू को पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष से गले मिलने भेजने वाले राहुल गाँधी की कांग्रेस पार्टी है तो तीसरी ओर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देशभक्तों की टोली है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुआई में देश भर में चल रही विकास यात्रा में शामिल  होना चाहती है लेकिन टीआरएस सरकार राज्य में विकास को अवरुद्ध करके बैठी हुई है

 

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि के. चंद्रशेखर राव ने परिवार मोह में पड़ कर अकारण ही तेलंगाना को सैकड़ों करोड़ों के चुनावी खर्चे में उतार दिया दिया है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना विधान सभा चुनाव मई में लोक सभा चुनाव के साथ होने वाला था, यदि ऐसा होता तो सैकड़ों करोड़ों के इस खर्च से बचा जा सकता था लेकिन केसीआर ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की लोकप्रियता के डर से तेलंगाना की जनता पार्टी चुनाव समय से पहले ही थोप दिया। उन्होंने कहा कि केसीआर को यह भय सता रहा था कि यदि लोक सभा के साथ ही विधान सभा चुनाव हुए तो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता का सामना करना पड़ेगा और वे अपने बेटे-बेटियों को राजनीति में स्थापित नहीं कर पायेंगे। उन्होंने कहा कि केसीआर को जवाब देना चाहिए कि तेलंगाना की जनता पर जो सैकड़ों करोड़ों रुपये का खर्च थोपा गया है, उसका जिम्मेदार कौन है?

 

श्री शाह ने कहा कि केसीआर के कुशासन में तेलंगाना की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने से पहले केसीआर ने तेलंगाना की जनता से जो-जो वादे किये थे, उसमें से एक भी वादा पूरा नहीं हुआ, केसीआर ने तेलंगाना की जनता से वादाखिलाफी कर उनके साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि पिछले विधान सभा चुनाव के समय केसीआर ने तेलंगाना की जनता से वादा किया था कि हर गरीब व्यक्ति को दो बेडरूम का घर दिया जाएगा लेकिन घर देना तो दूर, प्रधानमंत्री आवास योजना पर भी केसीआर ने राज्य में अमल नहीं किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना से देश में लगभग दो करोड़ लोगों को घर मिल चुका है लेकिन तेलंगाना में एक भी गरीब को इस योजना का फायदा नहीं मिल पाया, इसकी जिम्मेदार केवल और केवल टीआरएस सरकार है। यहाँ तक कि केसीआर ने गरीबों के लिए वरदान के समानआयुष्मान भारत" योजना को भी तेलंगाना में लागू नहीं होने दिया। योजना के तहत केवल दो महीने में ही देश के लगभग साढ़े तीन लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं लेकिन टीआरएस सरकार और केसीआर की हठधर्मिता के कारण तेलंगाना की गरीब जनता को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। केसीआर ने तेलंगाना को दलित मुख्यमंत्री देने का भी वादा किया था लेकिन खुद मुख्यमंत्री बन बैठे। उन्होंने कहा कि केसीआर ने विगत विधान सभा चुनाव में वादा किया था कि तेलंगाना के शहीद परिवारों को नौकरियाँ देंगे लेकिन 800 से ज्यादा शहीद परिवार आज भी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। तेलंगाना के निर्माण के लिए जिन युवाओं ने अपनी शहादत दी थी, उनके परिवार की चिंता केसीआर ने आज तक नहीं की। उन्होंने कहा कि केसीआर ने किसानों को खुशहाल करने का वादा किया था लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पिछले पांच वर्षों में तेलंगाना में 3500 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि एक ओर टीआरएस सरकार की गलत नीतियों के कारण तेलंगाना में किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार ने किसानों को समृद्ध और सशक्त बनाने के लिए के फसल पर लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने का निर्णय लिया है।

 

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि केसीआर ने मजलिस और ओवैसी के डर से रजाकारों की पार्टी के सामने घुटने टेकते हुए 17 सितंबर को हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाना बंद कर दिया है। मैं तेलंगाना की जनता को आश्वस्त करते हुए कहना चाहता हूँ कि यदि तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है तो हम हर गाँव में 17 सितंबर को भव्य तरीके सेहैदराबाद मुक्ति दिवस' मनाएंगे।  

 

श्री शाह ने कहा कि केसीआर ने एक ख़ास अल्पसंख्यक समुदाय के लिए 12% आरक्षण देने का फैसला लिया है जो तेलंगाना की गरीब और पिछड़े समुदाय के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान सम्मत नहीं है। भारतीय जनता पार्टी तेलंगाना में धर्म के आधार पर ख़ास अल्पसंख्यक समुदाय को आरक्षण नहीं देने देगी। उन्होंने कहा कि टीआरएस के सांसद संसद में अवैध घुसपैठियों का समर्थन करते हैं। टीआरएस अल्पसंख्यकों के लिए अलग से आईटी गलियारे की बात करती है। यह सरासर तुष्टीकरण की अंधी राजनीति है।

 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एक ओर केसीआर हैदाराबाद मुक्ति दिवस नहीं मनाने देती, एक ख़ास अल्पसंख्यक वर्ग को रिजर्वेशन देने की बात करती है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में अल्पसंख्यकों के लिए रिजर्वेशन की बात करती है, अल्पसंख्यकों के लिए अलग अस्पताल बनवाने की बात करती है। मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूँ कि तेलंगाना की गरीब जनता का हक़ नहीं क्या? उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी कहती है कि तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बनने पर मस्जिद और चर्च की बिजली का बिल तेलंगाना सरकार भरेगी तो फिर मंदिर के साथ भेद-भाव क्यों, मंदिरों की बिजली के बिल सरकार क्यों नहीं भरेगी? कांग्रेस पार्टी कहती है कि उर्दू शिक्षकों की अलग से भर्ती की जायेगी तो फिर तेलुगु शिक्षक कहाँ जायेंगे? कांग्रेस पार्टी कहती है कि अल्पसंख्यक छात्रों को 20 लाख रुपये अलग से दिए जायेंगे तो पिछड़े ओबीसी समाज के बच्चों को यह लाभ क्यों नहीं मिलना चाहिए? उन्होंने कहा कि कांग्रेस और टीआरएस दोनों पार्टियां ख़ास अल्पसंख्यक वर्गों के तुष्टीकरण में लगी हुई है इसलिए तो ओवैसी कहते हैं कि जो भी तेलंगाना का मुख्यमंत्री बनेगा, वह मजलिस के चरणों में सिर झुकाएगा। उन्होंने कहा कि केसीआर दावा करते हैं कि पूरे तेलंगाना का विकास हुआ है तो फिर क्यों गाँवों में शुद्ध पीने का पानी नहीं मिलता, क्यों सड़कों की हालत खराब है, क्यों 24 घंटे बिजली नहीं मिलती, क्यों सिंचाई परियोजनाएं पूरी नहीं हुई, क्यों शिक्षा की समुचित व्यवस्था नहीं है? उन्होंने कहा कि टीआरएस सरकार ने तेलंगाना को बर्बाद कर के रख दिया है। उन्होंने कहा कि टीआरएस के शासन में तेलंगाना पर लगभग दो लाख करोड़ रुपये का ऋण बढ़ गया है। एक जमाने में रेवेन्यू सरप्लस स्टेट रहे तेलंगाना को दो लाख करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ तले दबाने का पाप केसीआर सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि केसीआर सरकार में तेलंगाना का फिस्कल डेफिसिट 5.5% तक पहुंचा है जो देश में सबसे अधिक है।

 

श्री शाह ने कहा कि हम ऐसा तेलंगाना चाहते हैं जहां युवाओं को रोजगार के लिए राज्य से पलायन न करना पड़े। हम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में तेलंगाना की समृद्धि के लिए कटिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि 13वें वित्त आयोग के दौरान कांग्रेस की सोनिया-मनमोहन सरकार ने तेलंगाना को विकास के लिए महज 16,596 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जबकि 14वें वित्त आयोग में मोदी सरकार ने तेलंगाना के लिए 1,15,605 करोड़ रुपये आवंटित किये जो कांग्रेस की यूपीए सरकार की तुलना में लगभग सात गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त मोदी सरकार ने तेलंगाना को केन्द्रीय योजनाओं में लगभग 1,15,138 करोड़ रुपये की राशि अलग से दिए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने तेलंगाना को पिछले साढ़े चार सालों में विकास के लिए लगभग 2,30,800 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है, इसके बावजूद केसीआर तेलंगाना के विकास में असफल रही है।

 

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि तेलंगाना विधान सभा चुनाव में एक विचित्र गठबंधन बना है। कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी मिलकर तेलंगाना में चुनाव लड़ रही है। कम्युनिस्ट पार्टी दुनिया से ख़त्म हो रही है तो कांग्रेस पार्टी देश से, कांग्रेस और कम्युनिस्ट चंद्रबाबू नायडू के साथ मिल कर तेलंगाना का भला नहीं कर सकती। उन्होंने प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आपने टीआरएस को भी मौक़ा दिया, कांग्रेस को भी और अन्य पार्टियों को भी लेकिन ये पार्टियां तेलंगाना का विकास नहीं कर पाई। आप एक मौक़ा भारतीय जनता पार्टी को दीजिये, हम पांच वर्ष में ही तेलंगाना को एक समृद्ध प्रदेश के रूप में विकसित करेंगे। हम तेलुगु अस्मिता की रक्षा के लिए कटिबद्ध हैं।

              

(महेंद्र पांडेय)

कार्यालय सचिव

Tag: 17 | 30

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